हाल-ए-दिल आपसे कहूँ अब तो क्या कहूँ
दास्तान-ए-गम ना कहूँ अब तो क्या कहूँ
छोटी बहुत कहानी है, थोड़ी सी रूमानी है
बात बड़ी पुरानी है, कहूँ अब तो क्या कहूँ
एक चेहरा सुहाना था, रंगीन हर फसाना था,
क्या खूब वो ज़माना था, कहूँ अब तो क्या कहूँ
वो उनका मेरे घर आना, साथ साथ दो पल बिताना
हर छोटी बात पर मुस्कुराना, कहूँ अब तो क्या कहूँ
वो हसीन रात थी, छोटी एक मुलाकात थी
दिल में मेरे जो बात थी, कहूँ अब तो क्या कहूँ
हम कुछ ना कह पाए, उनके लब पे बात ना आए
उम्र भर ये अफ़सोस सताए, कहूँ अब तो क्या कहूँ
आज सूना है मकाँ मेरा, सूना है यह जहाँ मेरा
मेरे सिवा कौन है मेरा, कहूँ अब तो क्या कहूँ
एक ओर गम है, 'मायूस' एक ओर जिंदगी है
क्या फ़र्क दोनों में है, कहूँ अब तो क्या कहूँ
No comments:
Post a Comment